Wednesday, November 26, 2008

धाराजी एक स्मृति - 2


नर्मदा की सुन्दरता के विविध रुपों में से उसके जल प्रपात भी शामिल हैं, जो अपनी सुन्दरता के लिये जग प्रसिद्ध हैं। ये नदी में समाहित शक्ति एवं सुन्दरता दोनों आयामों की अभिव्यक्ति हैं।

अगर नर्मदा के सभी प्रमुख प्रपातों को ध्यान में रखें, तो नर्मदा सात मंजिला नदी है। इनमें प्रमुख हैं-

1- कपिलधारा - (यह उदगम से 10 कि मी पर ही स्थित है। कहते हैं कि यहां कपिल मुनि का आश्रम था।)
2- दुग्धधारा - (यह उदगम से लगभग 10 किमी पर है।)
3- सहस्त्रधारा (मंड्ला) – मंडला शहर के नज़दीक नदी कई छोटी – छोटी धाराओं में बट जाती है। इसीलिये इसे सहस्त्रधारा कह्तें हैं । प्रपात की उंचाई ज्यादा नहीं है । ऐसा ही स्थान में भी है। यह महेश्वर नामक प्रसिद्ध स्थल के नीचे स्थित है।
4- धुँआधार - जबलपुर नगर के समीप स्थित यह जलप्रपात सारे विश्व में प्रसिद्ध है यह एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल है, इसके चित्र एवं विवरण सर्वत्र उपलब्ध है।
5- धायडी/धाराजी – यह अदभुत, दुर्लभ एवं आकर्षक प्रपात है। दुर्लभ इसलिए है कि यह अब जलमग्न हो गया है। अदभुत इसलिये की चट्टानों के कटने से कई आकर्षक आकृतियों का निर्माण हुआ है।
6- सहस्त्रधारा (महेश्वर) – यह महेश्वर नामक प्रसिद्ध स्थल के नीचे स्थित है। ऐसा ही स्थान मंडला में भी है। यहां पर नदी कई छोटी – छोटी धाराओं में बट जाती है।

क्रमश:

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